हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के कई मददगारो पर पुलिस ने शिकंजा कसा

सूत्रों के अनुसार बीट दरोगा ने अपने इकबालिया बयान में स्वीकार किया है। कि एक दिन पहले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने फ़ोन पर कहा था की “अपने थानेदार को समझा दो अगर बात बड़ी तो बिकरु गांव से लाश ही उठेगी”। इसके तुरंत बाद उन्होंने थानेदार को सूचना दी और बिकरु गांव की बीट से अपनी ड्यूटी हटा ली क्योकि विकास दुबे की धमकी के बाद वह डर गए थे।

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की खौफ की कहानिया अब रोज सामने आ रही हैं। अपराधी विकास दुबे की कानपुर और इसके आसपास के इलाके के लोगो में जमकर दहशत थी जांच में सामने आया है कि विकास दुबे अपने नाम से यहां के उद्योगों और कारोबारियों से फिरौती वसूल करता था।

सूत्रों के अनुसार बिकरु गांव में रोज़ विकास दुबे की अदालत लगती थी। और इनमे ज्यादातर​ मामले ज़मीनों की खरीद फरोख्त से जुड़े आते थे। यहां चौबेपुर और बिठूर गांव में ज़मीन की कीमत एक करोड़ रुपए प्रति बीघा तक है। ज़मीनों में कब्ज़ा करना, ज़मीनों की खरीद फरोख्त में विकास दुबे का हिस्सा होता था। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने ज़मीनों के धंधे में काफी धन कमाया था।

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