
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के प्रसिद्ध मां नंदा देवी मेला-2025 का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई दी और इस मेले को लोक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक-सांस्कृतिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नंदा देवी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का भी प्रमुख माध्यम है। उन्होंने 2026 में आयोजित होने वाली मां नंदा राजजात यात्रा को भव्य बनाने के लिए तैयारियां शुरू करने की जानकारी दी और कहा कि सरकार इसे दिव्य एवं भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
धामी ने बताया कि प्रदेश सरकार मानसखंड पर्वतमाला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण में लगी हुई है। जागेश्वर मंदिर परिसर के लिए 146 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की जा चुकी है। इसके अलावा अल्मोड़ा बेस अस्पताल और सोमेश्वर उपजिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
परिवहन क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में अल्मोड़ा में 248 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है, साथ ही अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण के लिए 922 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। उड़ान योजना के तहत हेली सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘नंदा देवी हस्तशिल्प ग्राम’ की स्थापना की योजना भी बनाई है, जिसमें स्थानीय महिलाओं के बनाए उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत नशा मुक्ति केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।
धामी ने अवैध मदरसों को बंद करने, भूमि कब्जे के खिलाफ सख्त कानून लागू करने और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को कड़ाई से लागू करने की भी घोषणा की। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और विकास को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड का सांस्कृतिक और आर्थिक पुनरुद्धार हो रहा है और प्रदेश सरकार भी हर क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है ताकि देवभूमि उत्तराखंड समृद्ध और आत्मनिर्भर बने।