प्रदेश में मूसलधार बारिश, भारी भूस्‍खलन के कारण नेशनल हाईवे 58 बाधित

मौसम विभाग की ओर से आज भी भारी से भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। आज देहरादून जनपद के चकराता तहसील के अंतर्गत क्वांसी के पास खेड़ा बिजनाड़ में बादल फटने से एक युवक की मौत हो गई, जबिक दो लोग लापता हैं। बारिश के कारण हुए भारी भूस्‍खलन सेनेशनल हाईवे 58 ऋषिकेश-श्रीनगर कौडियाला और ब्‍यासी के पास बंद हो गया है।

 

चकराता तहसील के अंतर्गत क्वांसी के पास खेड़ा बिजनाड़ में कोल्हा निवासी कुछ ग्रामीण किसानों की छानिया है। गुरुवार सुबह अतिवृष्टि के कारण बादल फटने से बिजनाड़ में रह रहे स्थानीय ग्रामीण कालिया, फंकियारु व गुंता नामक तीन ग्रामीण परिवारों की छानी पर पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा आ गया। जिसकी चपेट में आने से एक युवक और दो लड़कियां लापता बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा ग्रामीणों के पशु और मवेशी भी मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना के तुरंत बाद एसडीएम संगीता कनौजिया के निर्देशन में तहसीलदार पूरण सिंह तोमर के नेतृत्व चकराता से एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। घटनास्थल सड़क मार्ग से 2 किमी दूर पैदल है। आसपास के लोग राहत बचाव कार्य में जुट गए।

लगातार हो रही बारिश से हुए भूस्‍खलन से ऋषिकेश बदरीनाथ राजमार्ग कौडियाला और ब्‍यासी के पास बंद हो गया है। मार्ग खोलने का काम चल रहा है। वही जौनपुर ब्लॉक में जमुना पुल के पास कांडीखाल के समीप सड़क धस गई है। जिससे मसूरी कैंप्‍टीफॉल में वाहनो की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है। यमुना घाटी से मसूरी होकर देदरादून जाने वाले सभी बड़े वाहनों को विकास नगर होकर जान पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 18-24 घंटे उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, गढ़वाल, हरिद्वार, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उधमसिंह नगर और उत्तरकाशी के कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज के साथ बौछारें जारी रहेंगी।

उत्तराखंड में मंगलवार रात से ही बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया था। कई इलाकों में तड़के ही बारिश की फुहारें पड़ने लगीं। ज्यादातर इलाकों में दिनभर हल्की से मध्यम बारिश का दौर चलता रहा। जबकि कई इलाकों में तेज बारिश भी हुई। चमोली में बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग में केदारनाथ की चोटियों पर बर्फबारी हुई।

बारिश से कोटद्वार में सनेह के जंगलों में लगी आग भी बुझ गई है। कर्णप्रयाग सहित सिमली, गौचर, लंगासू, नोटी, नंदासैंण, ङ्क्षपडवाली, नैनीसैंण सहित बेनीताल, थराली, देवाल, गैरसैंण में भी बारिश होती रही। कुमाऊं में मंगलवार रात से ही बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है।

मौसम के रेड अलर्ट के मद्देनजर पिथौरागढ़ व बागेश्वर जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। मुनस्यारी समेत ऊंचाई वाले इलाकों में जोरदार बारिश हुई है। तवाघाट-लिपुलेख मार्ग गर्बाधार के पास मलबा आने से बंद हो गया है। वहीं, अल्मोड़ा, बागेश्वर व चंपावत में भी बारिश का क्रम लगातार बना हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक गुरुवार को देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। जबकि, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। राज्य के कुछ इलाकों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।

दिनभर की बारिश से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में तापमान में भारी गिरावट आई है। कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 10 से 12 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। खासकर पहाड़ी इलाकों में पारे में गिरावट से ठंड लौट आई है और लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *