प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीरज से बात किसी अन्य के मोबाइल से कराई गई। नीरज ने हमेशा अनुशासन में रह कर कड़े अभ्यास को प्राथमिकता दी। कभी अनावश्यक छुट्टी नहीं ली। कैप्टन अमरीश ने कहा कि नीरज के पदक ने युवाओं में एक उम्मीद जगाई है और भाला फेंक के प्रति लोगों का रुझान बढ़ेगा और आने वाले समय में भाला फेंक में भारत की पूरी टीम होगी। कैप्टन ने पांच साल पहले के उन पलों को भी याद किया कि कैसे नीरज की सेना में भर्ती कराने का टास्क मिला था और महज चार घंटे में नीरज को सेना में शामिल करने में कामयाब रहे। गौरतलब है कि डेढ़ दशक बाद अभिनव बिंद्रा के बाद नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक हासिल किया है।