दसवें मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभालने वाले तीरथ अब तक सबसे कम कार्यकाल वाले सीएम बने; नहीं कर सके कोई एनडी तिवारी की बराबरी

दस मार्च 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद तीरथ रावत ने बगल में खड़े त्रिवेंद्र सिंह रावत को अपना बड़ा भाई बताया था। और देखते ही देखते इंटरनेट मीडिया पर टीएसआर पार्ट टू ट्रेंड करने लगा। उत्तराखंड की सियासत मेंं मुख्यमंत्री बदलने की परंपरा कोई नहीं है। लेकिन शुक्रवार रात तीरथ के इस्तीफे के साथ ही एक नया रिकॉर्ड भी बन गया। मार्च में दसवें मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभालने वाले तीरथ अब तक सबसे कम कार्यकाल वाले सीएम साबित हुए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड भगत सिंह कोश्यारी के नाम पर था। कोश्यारी ने चार माह मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी। हालांकि, कांग्रेस के एनडी तिवारी को आज तक कोई नहीं पछाड़ सका। उन्होंने पांच साल पांच दिन तक सीएम की कुर्सी संभाली थी।

राज्य गठन के बाद नित्यानंद स्वामी पहले मुख्यमंत्री बने थे। 2002 में आम चुनाव हुआ और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा चेहरा माने जाने वाले पं. एनडी तिवारी राज्य की कमान मिली। उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। इसके बाद 2007 में सत्ता परिवर्तन के साथ पांच साल में तीन बार नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ। 2012 में संघर्ष के बाद कांग्रेस ने वापसी तो की लेकिन बतौर सीएम विजय बहुगुणा भी पारी पूरी नहीं कर सके। और आपदा जैसे बड़े संकट के बीच हरीश रावत को जिम्मा मिला। 2017 में भाजपा के प्रचंड बहुमत पाने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने। लगा कि वह एनडी की तरह अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन मार्च में अचानक बदले सियासी हालतों ने कमान तीरथ के हाथों में पहुंचा दी। मगर वह सबसे कम कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री साबित हुए।

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