रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ की अगुआई में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की

फार्मेसिस्ट संवर्ग के ढांचे का पुनर्गठन, सेवा नियमावली आदि मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ की अगुआई में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार ने उन्हें फार्मेसिस्ट संवर्ग की लंबित मांगों से अवगत कराया। कहा कि राज्य गठन के बाद से फार्मेसिस्ट संवर्ग के ढांचे का पुनर्गठन नहीं किया गया है। जिस कारण 30-35 वर्षों की सेवा के बाद भी फार्मेसिस्ट को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं फार्मेसिस्ट को पोस्टमार्टम भत्ता सिर्फ चार रुपये दिया जा रहा है। जबकि चिकित्साधिकारी व सफाई नायक का पोस्टमार्टम भत्ता पूर्व में बढ़ा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि चीफ फार्मेसिस्ट की प्रोन्नति से संबंधित फाइल अप्रैल 2020 से स्वास्थ्य महानिदेशालय व शासन में घूम रही है। लेकिन इस पर अभी तक निर्णय नहीं लिया जा सका है। कई चीफ फार्मेसिस्ट बिना पदोन्नति का लाभ ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। इसके अलावा सेवा नियमावली के प्रख्यापन, प्रोन्नत वेतनमान और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग भी उन्होंने की। इस पर मुख्यमंत्री ने फार्मेसिस्ट संवर्ग की मांगों के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है।

एनएचएम संविदा कर्मियों की मांगों के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। मिशन निदेशक कार्यालय से गठित सात सदस्यीय समिति में एनएचएम के अपर निदेशक, वित्त नियंत्रक, स्वास्थ्य विभाग, शासन के कार्मिक विभाग के एक-एक प्रतिनिधि और एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन के दो प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी व हेमचंद्र बहुगुणा को समिति में बतौर प्रतिनिधि शामिल होने को नामित किया है। यह समिति एक माह के अंदर संविदा कर्मचारियों की वेतन विसंगति के साथ एचआर पालिसी तैयार करने व कर्मचारियों की अन्य समस्याओं का समाधान करने के लिए रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसे एनएचएम के मिशन निदेशक के माध्यम से मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की गवर्निग बाडी को सौंपेगी। इधर, एनएचएम कर्मचारी संगठन ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समिति गठित करने के निर्णय का स्वागत किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी ने कहा कि उम्मीद है कि मिशन निदेशक के नेतृत्व में संविदा कर्मियों की लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।

बता दें कि गोल्डन कार्ड, सामूहिक बीमा, लायल्टी बोनस, कोरोनाकाल में हुई मौत पर स्वजन को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को नौकरी समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर के साढ़े चार हजार से अधिक एनएचएम संविदा कर्मी एक से सात जून तक होम आइसोलेशन में रहे थे। इससे पहले चार दिन उन्होंने काली पट्टी बांध आधा दिन काम किया, जबकि आधा दिन वह होम आइसोलेशन में रहे। शासन स्तर पर हुई वार्ता के बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित किया था।

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