प्रदेश में कांग्रेस के सामने 2022 के विधानसभा चुनाव की बड़ी चुनौती

नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के सामने 2022 के विधानसभा चुनाव की बड़ी चुनौती है। चुनाव में चेहरा तय करना पार्टी की प्राथमिकता नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी कहा कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी।पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस महासचिव हरीश रावत के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री को चेहरा घोषित करने को लेकर बार-बार की जा रही पैरवी नेताद्वय ने खारिज कर दिया। राजीव भवन में गुरुवार को मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष डा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश प्रभारी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने को लेकर रुख स्पष्ट कर चुके हैं। ऐसे में इस मुद्दे को उठाने का कोई मतलब नहीं है। पिछला विधानसभा चुनाव पार्टी चेहरे पर लड़ चुकी है। जिस चेहरे पर चुनाव लड़ा गया, वो दो जगह से हार गए और वापस नहीं आ सके। पार्टी महज 11 सीटों पर सिमट गई। प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा।

प्रदेश में समन्वय समिति गठित किए जाने के बाद भी पार्टी नेताओं की इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी पर उन्होंने इशारों में समिति की मुश्किलों की ओर इशारा भी किया। वहीं मीडिया के सवालों के जवाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी का रुख एकदम स्पष्ट है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी राय रखी है। कांग्रेस में अंदरूनी लोकतंत्र है। पार्टी अगला चुनाव एकजुट होकर लड़ेगी।उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए जाने के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हाईकमान जो भी कहेगा, उसे ही माना जाएगा।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *