प्रदेश में विभिन्न विभागों में तय तिथि तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी न होने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया

प्रदेश में विभिन्न विभागों में तय तिथि तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी न होने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। शासन ने ऐसे सभी विभागों से कारण स्पष्ट करते हुए आठ अक्टूबर तक जानकारी तलब की है। इसके साथ ही जिन विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण हो गई है, उनसे इसका प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष 12 जुलाई को सभी विभागों को एक पत्र भेजा था।इसमें सभी विभागाध्यक्षों को विभाग में रिक्त पदों के सापेक्ष डीपीसी की प्रक्रिया संपन्न करने और 15 अगस्त तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। इस क्रम में कई विभागों ने तो पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण कर ली है, लेकिन कई विभागों में ऐसा नहीं हो पाया है। इसे शासन ने गंभीरता से लिया है। अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री आनंद वर्द्धन ने इस संबंध में सभी विभागों को पत्र भेजा है।

पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सभी विभागों में 15 अगस्त तक पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण की जानी थी। ऐसे में सभी विभाग इस आशय का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं कि विभागों में पात्र कार्मिकों की उपलब्धता के अनुसार पदोन्नति की कार्यवाही पूरी कर ली गई है। जहां पर पद एवं पात्र कार्मिकों की उपलब्धता के बावजूद पदोन्नति नहीं हुई है, वे विभाग इसका स्पष्ट कारण मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजें। उन्होंने सभी से आठ अक्टूबर तक यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा है ताकि इस पर आगे कार्यवाही की जा सके।

खाद्य मंत्री बंशीधर भगत ने दिल्ली प्रवास के दौरान बुधवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल से भेंट कर उत्तराखंड में खाद्य विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। भगत ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से धान की खरीद करने वाली संस्थाओं, चावल मिलर्स, परिवहन से जुड़े ठेकेदारों और उचित दर विक्रेताओं को समय पर भुगतान करने के लिए लाभांश व परिवहन मद में दी जा रही सब्सिडी समेत अवशेष धनराशि शीघ्र अवमुक्त करने का आग्रह किया। भगत के अनुसार केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मंत्रालय के अधिकारियों को तत्काल शेष धनराशि अवमुक्त करने के निर्देश दिए।

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