गजब :प्रापर्टी डीलर ने किया उपायुक्त का तबादला

राज्य बनने के तकरीबन दो दशक बाद प्रगति और बदलाव के चाहे जितने ही दावे भले ही किए जाएं। लेकिन सत्ता के गलियारों की दलालों की हनक अपनी जगह है। जिन्हें कभी दलाल कहा जाता है, कभी लाइजनर तो कभी मीडिएटर। ये लोग खुद को नेता मंत्रियों के करीबी बताते हैं और मुश्किल से मुश्किल काम को भी यूं चुटकियों मे कर जाते हैं। हाल के घटनाक्रम पर रोशनी डालते हैं।
हाल ही यहां एक परिवहन अधिकारी स्थानांतरण किया जाता है। उसके लिए बाकायदा शासन से पत्र जारी किया जाता है। लेकिन बाद में पता चलता है कि उसकी ट्रांसफर आथिरिटी है उसे तो इसकी खबर रही नहीं है। बीच के रास्ते से ही सब कुछ हो गया। दून पुलिस ने आरटीओ के फर्जी स्थानांतरण पत्र जारी करने के मामले का अब खुलाशा कर दिया है और इसमें एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार किया है।

डीआईजी अरुण मोहन जोशी के मुताबिक बीते 26 जून को देहरादून संभागीय परिवहन अधिकारी के स्थानांतरण को फर्जी बतायाय जाता है। सोशल मीडिया में वायरल यह फर्जी काम की जानकारी अफसरों तक पहुंची।

मामले में संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश पठोई ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले में बाकायदा एसआईटी गठित हुई। मामले से संबंधित सभी अधिकारियों से पड़ताल हुई।
पता चला कि यह मैसेज आरटीओ कार्यालय में तैनात प्रशासनिक अधिकारी को उपायुक्त ने भेजा था। उपायुक्त को पूछा गया तो पता चला कि उन्हें यह मैसेज कुलवीर सिंह पुत्र कुंवरसिंह निवासी ब्लाक नंबर दो कैनाल रोड आर्यनगर ने भेजा था।

उसके बाद पुलिस ने आरोपी कुलवीर सिंह को सहस्त्रधारा रोड हैलीपेड के समीप से गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी जोशी ने बताया कि कुलवीर सिंह ने बयान दिया कि वह लंबे समय से उपायुक्त से संपर्क में था।

और उसने राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर उपायुक्त को देहरादून आरटीओ का चार्ज दिलाने की बात कही। और कुछ दिन बाद फर्जी स्थानांतरण पत्र उपायुक्त को थमा दिया। अब पुलिस गहन पड़ताल कर रही है। इसमें और नाम भी सामने आयेंगे। लेकिन कह नहीं सकते इसमें कितने और कौन कौन फंसेंगे। क्यों कि इस तरह का किस्सा सूबे में नया नहीं हैं।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *