मानसून बना उत्तराखंड के लिए बड़ा संकट; उत्तराखंड में बारिश का क्रम तेज होने के आसार

मानसून की दस्तक के बाद उत्तराखंड में बारिश का क्रम तेज होने के आसार हैं। जिसके चलते पहाड़ों में दुश्वारियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन पर्वतीय इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। जबकि, मैदानी इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। उधर, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में जगह-जगह सड़क मार्ग प्रभावित हैं।

चमोली जिले में रविवार देर रात हुई भारी बारिश से ऋषिगंगा नदी का कटाव बढ़ गया। जबकि, रैंणी गांव में गौरा देवी म्यूजियम मलबे में दब गया। भारी बारिश के बाद आपदा प्रभावित रैंणी गांव पर फिर मुसीबत आ गई है। रैंणी के निकट जोशीमठ मलारी हाईवे का 40 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे रैंणी गांव सहित सीमा क्षेत्र की आवाजाही ठप हो गई है।

इधर, मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार सुबह ऋषिकेश-जोशीमठ राजमार्ग जनपद चमोली की सीमा अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर आवाजाही के लिए अवरुद्ध रहा। कर्णप्रयाग के समीप चट्टवापीपल व लाटूगैर आश्रम में चट्टानी भाग से मलबा राजमार्ग पर आने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। इस दौरान कर्णप्रयाग से गौचर, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, ऋषिकेश व चमोली पहुंचने वाले आवश्यक सेवा के वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग ब्यासी के पास मलबा आने के कारण सोमवार सुबह बंद हो गया, जिस कारण आवाजाही प्रभावित हो गई। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिंडोलाखाल कुंजापुरी के पास पहाड़ी से बोल्डर मैक्स वाहन के ऊपर आ गिरा। जिससे वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि महिला व उसके तीन बच्चे घायल हो गए। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका है।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *