Reserve Bank of India (RBI) के गवर्नर Sanjay Malhotra ने 8 अप्रैल 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश की। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखने का फैसला किया है।
गवर्नर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताएं, खासकर West Asia में जारी तनाव (ईरान-अमेरिका-इजरायल) ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।
कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में उछाल
वित्तीय बाजारों में अस्थिरता
डॉलर मजबूत होने से अन्य मुद्राओं पर दबाव
📊 भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत
इन चुनौतियों के बावजूद RBI ने भरोसा जताया कि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।
विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर
राजकोषीय अनुशासन बेहतर
वैश्विक झटकों को सहने की क्षमता मजबूत
📈 ग्रोथ और महंगाई का अनुमान
FY 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ: 7%
महंगाई (Inflation): 4.5% अनुमान
RBI का लक्ष्य महंगाई को 4% के आसपास स्थिर रखना है।
रेपो रेट में बदलाव न होने का सीधा असर:
🏠 होम लोन EMI में कोई बदलाव नहीं
🚗 कार लोन और पर्सनल लोन की EMI स्थिर
💵 FD ब्याज दरें भी फिलहाल स्थिर रहने की संभावना
Reserve Bank of India ने इस बार सतर्क रुख अपनाते हुए दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह फैसला आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, हालांकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

