उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में अब पहाड़ के दूर-दराज के युवाओं को परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। आयोग ने पहाड़ के दूर-दराज के युवाओं के लिए टैबलेट पर परीक्षा कराने का फैसला लिया है।शुक्रवार को आयोग के अध्यक्ष एस राजू और सचिव संतोष बडोनी ने टैबलेट लांच किया। 15, 16 और 17 मार्च को होने जा रही आयोग की दो भर्ती परीक्षाओं में प्रदेश के छह पर्वतीय जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 465 टैबलेट से यह परीक्षा कराई जाएगी। आयोग की ओर से 15 मार्च को दो पालियों में और 16 मार्च को सुबह की पाली में लेखा लिपिक (142 पद) पद के लिए ऑनलाइन परीक्षा कराई जा रही है। इसके बाद 16 मार्च को दूसरी पाली और 17 मार्च को दोनों पालियों में वैयक्तिक सहायक (158 पद) पद के लिए ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी।

परीक्षा के लिए देहरादून में 11, हरिद्वार में पांच, पौड़ी गढ़वाल में एक, टिहरी में एक, उत्तरकाशी में एक, चमोली में एक, नैनीताल में छह, अल्मोड़ा में एक, पिथौरागढ़ में एक, चंपावत में एक और बागेश्वर में एक परीक्षा केंद्र यानी तीन दिन में कुल 30 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षाएं होंगी। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कंप्यूटर केंद्रों की कमी है। विशेषरूप से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, उत्तरकाशी और पौड़ी के युवाओं को ऑनलाइन परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसमें उनका समय और पैसा अधिक खर्च होता है। इन सभी जिलों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत आयोग ने 465 टैबलेट का प्रयोग करने की घोषणा की है। इन सभी जिलों के युवाओं के परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर नहीं होगा, बल्कि परीक्षा टैबलेट पर होगी। आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने बताया कि कंप्यूटर के मुकाबले इससे परीक्षा देने में कोई भी अंतर नहीं है। यह कंप्यूटर के मुकाबले ज्यादा यूजर फ्रेंडली है क्योंकि मोबाइल फोन की तरह स्क्रीन टच करके उम्मीदवार अपनी परीक्षा दे सकते हैं। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि आठ मार्च को दोनों भर्ती परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे।

 

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