सचिवालय संघ ने मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में नए अनुभाग व पदों का सृजन करने का अनुरोध किया है

सचिवालय संघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में कार्य के लिए सचिवालय सेवा संवर्ग में आवश्यकतानुसार नए अनुभाग व पदों का सृजन करने का अनुरोध किया है। संघ ने गोल्डन कार्ड की खामियों को दूर करने और केंद्र सरकार के समान राज्य कर्मचारियों को 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता अनुमन्य करने समेत 14 सूत्रीय मांगों पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। इसके साथ ही संघ ने सचिवालय की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए 24 सुझाव भी पेश किए हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में सोमवार को सचिवालय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि जनवरी 2019 में तत्कालीन वित्त मंत्री स्व. प्रकाश पंत की अध्यक्षता में संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक हुई थी।

इस बैठक में बनी सहमति के अनुरूप सचिवालय भत्ते की दर में बढ़ोतरी करने, एमएसीपी योजना को समाप्त करते हुए एसीपी योजना को लागू करने, कार्मिक विभाग की शिथिलीकरण नियमावली को फिर से लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने समेत अन्य मांगों पर सहमति बनी थी। इसका शासनादेश अभी तक नहीं हो पाया है।संघ ने इस दौरान सचिवालय सहायक पदधारकों को वित्तीय स्तरोन्नयन का लाभ देने, राज्य संपत्ति विभाग के वाहन चालकों को सचिवालय प्रशासन विभाग में शामिल करने और रक्षक संवर्ग में पुलिस के समान के बजाय सचिवालय में विद्यमान पदों के समान वेतनमान देने का भी अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी, महासचिव विमल जोशी, उपाध्यक्ष सुनील लखेड़ा के अलावा जेपी मैखुरी, देवेंद्र रावत, अनिल प्रकाश उनियाल, लालमणि जोशी, किशन असवाल, उमेश कुमार व संदीप बिष्ट शामिल थे।

सचिवालय संघ ने मुख्यमंत्री को इस दौरान 24 सुझाव भी दिए। इसमें उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासकीय विभागों के प्रमुख सचिव व सचिव बिना सचिवालय प्रशासन की सहमति के कार्मिकों का पटल परिवर्तन कर रहे हैं। इसकी समीक्षा की जाए। विभागीय सचिवों को उसी विभाग का निदेशक न बनाया जाए। आइएएस को छोड़ शेष सेवा के अधिकारियों के सचिवालय में पद चिह्नित करते हुए उसी विभाग में तैनाती दी जाए।मुख्यमंत्री व मंत्री स्तर की वार्ताओं में सचिव स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। वार्ता में वही अधिकारी उपस्थिति हों, जिनका नाम पत्रावली में है। सभी अधिकारियों की तय समय में सचिवालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा संघ ने सचिवालय में बहुमंजिला भवन का निर्माण कराने, सचिवालय में क्रेच बनाने व सचिवालय कर्मियों की एक अनुभाग में तीन साल तक तैनाती की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया है।

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