राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह का गुरुवार को निधन

 राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह का गुरुवार को निधन हो गया है। वह कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अपना इलाज करा रहे थे। उनके पार्थिव शरीर का गुरुग्राम के मदनपुरी के रामबाग में अंतिम संस्कार होगा। राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजित सिंह कोरोना संक्रमण के कारण गुरुग्राम के आर्टिमिस अस्पताल में भर्ती थे। गुरुवार को चौधरी अजित सिंह ने आज सुबह 8:20 बजे अंतिम सांस ली। 20 अप्रैल को उनकी कोरोना वायरस टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।कोरोना संक्रमित होने पर चौधरी अजित सिंह का उपचार गुरुग्राम के अस्पताल में किया जा रहा था। बीते दिनों में जब उनका स्वास्थ्य बिगड़ा, उन्हेंं आइसीयू में वेंटिलेटर पर निर्भर रखा गया था। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के बागपत से पूर्व सांसद थे। पंचायत चुनाव में इस बार उनकी पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन किया था।

मनमोहन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे चौधरी अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी भी मथुरा से सांसद रहे हैं। चौधरी अजित सिंह बीते कई दिनों से कोरोना वायरस से संक्रमित थे। राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख चौधरी अजित सिंह की मंगलवार रात तबीयत ज्यादा खराब हो गई। वह 22 अप्रैल से गुरुग्राम के एक प्राइवेट हॉस्पिटल आर्टिमिस में उनका इलाज चल रहा था। उनके फेफड़ों में संक्रमण बढ़ने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी थी।

छोटे चौधरी के नाम से मशहूर चौधरी अजित सिंह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे थे और उनकी पैतृक सीट बागपत से सात बार सांसद रहे थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति की धुरी रहे चौधरी अजित सिंह केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री भी रहे थे। राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह का जन्म 12 फरवरी, 1939 को मेरठ में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय और आईआईटी खडग़पुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा ग्रहणकी। सत्रह वर्ष अमेरिका के आइबीएम में काम करने के बाद चौधरी अजीत सिंह वर्ष 1980 में अपने पिता चौधरी चरण सिंह की पार्टी लोक दल को फिर सक्रिय करने के उद्देश्य से भारत लौटे थे। अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी मथुरा निर्वाचन क्षेत्र से पंद्रहवीं लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं।स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह सात बार बागपत से लोकसभा के सदस्य थे। वह एक बार राज्यसभा के भी सदस्य थे। पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह के बेटे अजित सिंह बागपत से सात बाद सांसद और कई बार मंत्री रह चुके हैं। 2001 से 2003 तक अटल बिहारी सरकार में वह कृषि मंत्री और 2011 में यूपीए सरकार के तहत नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में उन्होंने मुजफ्फनगर से चुनाव लड़ा था लेकिन हार झेलनी पड़ी थी। चार बार केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में उन्हेंं प्रमुख स्थान प्राप्त हुआ। चौधरी अजित सिंह ने अपने पिता पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की विचारधारा की विरासत को बखूबी संभाला और उनको भी देश के किसान-कमेरा वर्ग के नेता के रूप में पहचाना गया। चौधरी अजित सिंह राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। पश्चिमी यूपी में चौधरी अजित सिंह जाटों के बड़े नेता माने जाते थे।

चौधरी अजित सिंह देश के पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह के पुत्र थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चौधरी अजित सिंह जाट वर्ग के बड़े नेता माने जाते थे। 2014 व 2019 के लोकसभा में उनको हार झेलनी पड़ी जबकि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का प्रदर्शन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी काफी निराश करने वाला रहा। वह अपने गढ़ बागपत से लोकसभा चुनाव हार गए। उनके बेटे जयंत चौथरी भी मथुरा लोकसभा से चुनाव हारे। उनकी पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर पंचायत चुनाव में इस बार शानदार प्रदर्शन किया। इनकी पार्टी ने बागपत, मेरठ, शामली, अलीगढ़ व मथुरा में जीत हासिल की। बागपत में जिला पंचायत सदस्य पद पर रालोद ने 20 में से सात पर जीत दर्ज की। मेरठ में छह तथा शामली में पार्टी को पांच सीट पर जीत मिली।

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