तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा चरम पर पहुंच चुका है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने के दौरान अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब अमेरिका और यूरोप भी खुलकर ईरान के खिलाफ खड़े होते दिख रहे हैं।
ईरान पर मिलिट्री एक्शन को लेकर व्हाइट हाउस के अंदर भी मतभेद सामने आए हैं।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य कार्रवाई के मूड में बताए जा रहे हैं।
- वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो का कहना है कि पहले कूटनीतिक रास्ता (डिप्लोमैसी) अपनाया जाना चाहिए।
- चर्चा है कि ट्रंप अपने करीबी दोस्त स्टीव विटकॉफ को ईरान से बातचीत के लिए भेज सकते हैं।
हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान की जनता से कहा है कि वे विरोध प्रदर्शन जारी रखें और यह भी ऐलान किया है कि उन्होंने ईरान के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। उन्होंने कहा – “मदद जल्दी आ रही है।” इससे हमले की आशंका और बढ़ गई है।
फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और इटली जैसे यूरोपीय देश भी ईरान के विरोध में आ गए हैं।
- फ्रांस ने तेहरान से अपने गैर-जरूरी स्टाफ को वापस बुला लिया है।
- अमेरिका ने भी अपने नागरिकों से कहा है कि वे तुरंत ईरान छोड़ दें।
- कतर के अल उदैयद अमेरिकी मिलिट्री बेस पर भारी संख्या में फाइटर जेट और सैन्य विमान उतरते देखे गए हैं।
ट्रंप का बड़ा आर्थिक हमला
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा आर्थिक कदम उठाया है।
- उन्होंने ऐलान किया है कि ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा।
- इससे ईरान के साथ व्यापार करना और महंगा हो जाएगा।
पहले से ही 45 साल से पाबंदियों के चलते ईरान की हालत खराब है, अब तेल बेच पाना भी मुश्किल हो जाएगा।
भारत पर क्या असर होगा?
- भारत और ईरान के बीच हर साल करीब 2 अरब डॉलर का व्यापार होता है।
- भारत ईरान को – बासमती चावल, चाय, दवाएं, मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स भेजता है।
- भारत ईरान से – पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, ड्राई फ्रूट्स, सेब, केमिकल्स और मिनरल्स खरीदता है।
ट्रंप के नए फैसले के बाद अब भारत के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है।
- अगर भारत ईरान से व्यापार करता रहा तो अमेरिका, भारत के एक्सपोर्ट पर 25% और टैरिफ लगा सकता है।
- पहले ही अमेरिका भारत पर 50% टैरिफ लगा चुका है।
- नया टैरिफ जुड़ने पर यह 75% तक पहुंच सकता है, जिससे भारत-अमेरिका व्यापार को बड़ा झटका लग सकता है।
ईरान में हिंसा, अमेरिका की धमकियां, यूरोप का विरोध और ट्रंप के नए आर्थिक फैसले – इन सबने हालात बेहद तनावपूर्ण बना दिए हैं। इसका सीधा असर अब भारत समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है।
