नई दिल्ली/देहरादून। उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालयी क्षेत्रों में जोरदार बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश ने मार्च में बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लगा दिया है।
उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली, केलंग और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हिमपात जारी है।
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के चलते श्रीनगर-लेह हाईवे और मुगल रोड पर यातायात प्रभावित हुआ है। कई क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण रास्ते बंद कर दिए गए हैं। गुलमर्ग में 23 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि कई इलाकों में पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।
मैदानी राज्यों—उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान—में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। दिल्ली में तापमान सामान्य से करीब 4.5 डिग्री कम दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व भारत में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 20 मार्च तक बर्फबारी और बारिश जारी रहने के आसार हैं।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पंचाचूली, नंदा देवी और ओम पर्वत सहित कई चोटियों पर ताजा बर्फबारी से पर्वत श्रृंखलाएं चमक उठी हैं। चमोली के औली में बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। राजस्थान के कुछ इलाकों में जीरा और ईसबगोल की फसलों को नुकसान की खबर है।
मौसम में यह बदलाव 22 मार्च तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिली है।

