देहरादून के शुक्लापुर स्थित हिमालयी पर्यावरण अध्ययन एवं संरक्षण संगठन में सुंदर वन के पेड़-पौधों में जीवित रहेंगे सुंदरलाल बहुगुणा

प्रसिद्ध पर्यावरणविद् पद्मविभूषण सुंदरलाल बहुगुणा भले ही हमारे बीच नहीं हैं, मगर वह देहरादून के शुक्लापुर स्थित हिमालयी पर्यावरण अध्ययन एवं संरक्षण संगठन (हेस्को) के मुख्यालय में सुंदर वन के पेड़-पौधों में जीवित रहेंगे। उनकी यादों को संजोए रखने के मकसद से हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डा अनिल जोशी ने सोमवार को इस वन में दिवंगत बहुगुणा की अस्थियां विसर्जित कीं। वर्ष 2010 में बहुगुणा के जन्म दिन पर उनके नाम से पांच हेक्टेयर क्षेत्र में सुंदर वन की स्थापना हुई, जो अब घने जंगल में तब्दील हो चुका है।

पद्मभूषण डा जोशी याद करते हुए बताते हैं कि वर्ष 2009 से 2011 तक बहुगुणा हेस्को मुख्यालय में रहे। वर्ष 2010 में बहुगुणा के जन्म दिन पर प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण पर मंथन हुआ। इसी दौरान हेस्को से लगे पांच हेक्टेयर क्षेत्र को ऐसे जंगल के रूप में विकसित करने की ठानी गई, जो वन्यजीवों के लिए फूड पार्क हो। वन विभाग और मित्र संगठनों के सहयोग से इसे विकसित करने के साथ ही बहुगुणा के नाम पर इसका नामकरण करने का निश्चय किया गया। वह बताते हैं कि तब यहां पहला पौधा भी पर्यावरणविद् बहुगुणा ने ही रोपा था।

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