मुख्यमंत्री धामी अनुपूरक बजट में 5729.78 करोड़ की अनुपूरक मांगों के सदुपयोग की चुनौती सामने

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अनुपूरक बजट में अपने भावी एजेंडे को सामने रखने में कामयाब तो हो गए हैं, लेकिन अब कोरोना काल में 5729.78 करोड़ की अनुपूरक मांगों के सदुपयोग की चुनौती उनके सामने है। कैग की हालिया रिपोर्ट में अनुपूरक बजट के इस्तेमाल में ढिलाई पर निशाना साधा गया है। धामी सरकार को एजेंडे को मूर्त रूप देने को मिशन मोड में काम करना होगा। जुलाई माह के पहले हफ्ते में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद धामी नई पहल को लेकर अभी तक हिचके नहीं हैं। यही वजह है कि उन्होंने अनुपूरक बजट को सरकार और अपने विजन के तौर पर आगे कर दिया है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 का मूल बजट बतौर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पेश किया था। धामी को अब मूल बजट के लक्ष्यों के साथ अनुपूरक बजट में अपने एजेंडे को भी साधना होगा। सरकार के पास आगे कामकाज के लिए छह माह से भी कम समय शेष है। साथ में कोरोना महामारी का संकट भी बरकरार है।चालू वित्तीय वर्ष की छमाही पूरी होने में अब 30 दिन ही शेष हैं। चालू वित्तीय वर्ष के 57400 करोड़ के मूल बजट पर कोरोना का असर साफ दिखाई दे रहा है। बजट खर्च की रफ्तार धीमी है। विकास कार्यों पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष के शेष समय में विकास कार्यों को गति देना अब सरकार की जरूरत और मजबूरी दोनों बन चुका है।

अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार देने, रोड कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को मजबूत करने को प्राथमिकता दी है।धामी ने केंद्र सरकार की ध्वजवाहक योजनाओं में रुचि दिखाई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 570 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 449 करोड़, जल जीवन मिशन को 401 करोड़ की बजटीय व्यवस्था से यह भी साफ है कि शहरों के साथ सड़क, स्वास्थ्य व पेयजल आपूर्ति के ढांचे को ग्रामीण क्षेत्रों में भी मजबूती दी जाएगी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को 100 करोड़, श्री केदारनाथ एवं बदरीनाथ में प्रस्तावित कार्यों के लिए 15 करोड़ की व्यवस्था धामी के एजेंडे के संकेतांक के तौर पर हैं। कोरोना संकट काल में रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं की गति मंद रही है।स्वरोजगार योजनाओं में अनुपूरक मांग में 100 करोड़ की व्यवस्था की गई है। 22 हजार से ज्यादा भर्तियों को अंजाम देने और एक लाख व्यक्तियों को स्वरोजगार देने के लक्ष्य पर खरा उतरने के लिए इस राशि का सदुपयोग मुख्यमंत्री धामी के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है। अनुपूरक बजट को लेकर कैग की रिपोर्ट सरकारों के कामकाज पर अंगुली उठा रही है। अनुपूरक मांगों को लेकर दरियादिली दिखाने के बावजूद सरकार और संबंधित विभाग मूल बजट का ही सदपुयोग करने में कामयाब नहीं रहे।

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