विधानसभा का मानसून सत्र इस बार खास; धामी सरकार अपने एजेंडे को विधानसभा के समक्ष रखने की तैयारी

विधानसभा का मानसून सत्र इस बार खास होने जा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव के मोर्चे पर जुटने से पहले पुष्कर सिंह धामी सरकार अपने एजेंडे को विधानसभा के समक्ष रखने की तैयारी कर रही है। यह सबकुछ अनुपूरक बजट के जरिये होगा। 23 अगस्त से प्रस्तावित मानसून सत्र में ही अनूपूरक बजट पेश किया जाएगा। युवा मुख्यमंत्री धामी के इस कदम से विपक्षी खेमे में हलचल स्वाभाविक है। ऐसे में विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं।आमतौर पर मानसून सत्र में अनुपूरक बजट पेश नहीं किया जाता है। इस बार हालात अलग हैं। भाजपा की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने बीते मार्च माह में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए प्रदेश के लिए 57400 करोड़ के बजट पर मुहर लगाई थी। कोरोना संकट और दूसरी लहर की वजह से बजट के मोर्चे पर सरकार को चुनौती से जूझना पड़ रहा है। इस बीच दो मुख्यमंत्री बदल चुके हैं। अब कमान युवा मुख्यमंत्री धामी के हाथों में हैं। महज छह महीने बाद धामी सरकार को विधानसभा चुनाव में जाना है।

ऐसे में सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर अपने एजेंडे का सामने रख सकती है। मानसूत्र सत्र में अनुपूरक बजट पेश करते हुए यह एजेंडा सार्वजनिक हो जाएगा। मुख्यमंत्री धामी दिल्ली के दो दिनी दौरे पर रहे हैं। दौरे से ठीक पहले उन्होंने चार घंटे चली मैराथन बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति का जायजा लिया। राज्य की अवस्थापना विकास की जरूरत, माली हालत और निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के लिए सरकार नौकरशाही को पटरी पर लाने के लिए कदम उठा चुकी है। केंद्रीय मंत्रियों की ओर से भरपूर आश्वासन लेकर लौट रहे धामी का ध्यान बरसात के बाद विकास कार्यों की गति बढ़ाने पर केंद्रित है।

विधानसभा में अनुपूरक बजट का आकार पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा रहने के आसार हैं। इसकी वजह भी धामी सरकार के नए तेवरों को ही माना जा रहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री धामी आने वाले दिनों में ठप पड़े विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने के लिए कई नए कदम उठाते दिखाई पड़ सकते हैं।सदन के नए नेता के तौर पर धामी के नए एजेंडे को लेकर विपक्षी खेमे में खलबली है। ऐसे में सत्र के दौरान नए नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के साथ विपक्ष भी तीखे हमलों की तैयारी में है। विपक्ष के रुख को भांपकर सरकार भी जवाबी तैयारी में जुट गई है। पक्ष-विपक्ष के नए अंदाज से विधानसभा के इस सत्र का रोमांच बढ़ना तकरीबन तय माना जा रहा है। विधायक अब तक करीब 700 प्रश्न लगा चुके हैं।

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