मुख्यालय से चेकिंग सख्त आदेश जारी हुए तो परिवहन विभाग व परिवहन निगम की टीम ने एक माह में 15 निजी बसों को पकड़ा

उत्तराखंड रोडवेज के घाटे में जाने की बड़ी वजह डग्गामारी भी है। मुख्यालय से चेकिंग को लेकर सख्त आदेश जारी हुए तो परिवहन विभाग व परिवहन निगम की टीम ने एक माह में 15 निजी बसों को पकड़ लिया। इसके अलावा छोटे वाहन भी सीज किए गए। संयुक्त टीम की कार्रवाई से साफ हो गया कि डग्गामार वाहन निगम को रोज नुकसान पहुंचाते हैं।रोडवेज स्टेशन के आसपास अक्सर निजी वाहन व छोटी टैक्सियां घूमती रहती है। रोडवेज स्टेशन से सवारियों को बाहर बुलाने के बाद प्राइवेट गाड़ी में बिठाया जाता है। बरगलाने के लिए सवारियों से यह तक कहा जाता है कि जिस रूट पर आपको जाना है वहां आज रोडवेज गाड़ी नहीं जा रही। जानकारी के अभाव पूछताछ कक्ष न जाने की वजह से अधिकांश बार यात्री भी बहकावे में आ जाते हैं। ऐसे में रोडवेज व परिवहन विभाग की टीम ने एक माह से अभियान चला रखा है। इस दौरान बस व टैक्सी मिलाकर करीब 30 वाहन सीज कर दिए गए।

दस दिन पहले संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि एक निजी हाईटेक बस स्टेशन के पास से सवारी भर रही है। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले गाड़ी गायब हो गई।  बाद में रामपुर रोड से वाहन को पकड़ सीज कर दिया गया। इनोवा गाड़ी के जरिये वह बस स्टेशन से सवारियों को लाकर गाड़ी में बैठा रहा था।हल्द्वानी समेत पूरे कुमाऊं से सबसे ज्यादा यात्री दिल्ली के लिए निकलते हैं। ऐसे में निजी बसें इसी रूट की सवारियों को लेकर निकलती हैं। कई बार रास्ते में यात्रियों संग अभद्रता की घटनाएं भी हो चुकी है। वहीं, रोडवेज अफसरों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग व हेल्पलाइन नंबर से यात्रियों का जानकारी लेनी चाहिए।

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