नई दिल्ली:
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाल ही में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए बवाल के बाद अब जामा मस्जिद के आसपास भी कार्रवाई की आहट सुनाई दे रही है। हाईकोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि वह अगले दो महीनों के भीतर जामा मस्जिद क्षेत्र का व्यापक सर्वे कर अवैध निर्माण और सार्वजनिक भूमि पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित करे और कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करे।
मुगल बादशाह शाहजहां ने पुरानी दिल्ली में 14 प्रमुख दरवाजे बनवाए थे, जिनमें अजमेरी गेट, लाहौरी गेट, दिल्ली गेट और मोरी गेट के साथ तुर्कमान गेट भी शामिल है।
इस गेट का नाम सूफी संत हजरत शाह तुर्कमान बयाबानी के नाम पर रखा गया, जिनकी दरगाह इसी गेट के पास स्थित है।
तुर्कमान गेट 1976 में उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना था, जब आपातकाल के दौरान संजय गांधी के निर्देश पर यहां झुग्गी-बस्तियों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई में कई लोगों की जान गई और सैकड़ों परिवारों को मंगोलपुरी व त्रिलोकपुरी जैसे इलाकों में स्थानांतरित किया गया था।
तुर्कमान गेट की घटना के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने जामा मस्जिद के गेट नंबर 3, 5 और 7 के आसपास अवैध पार्किंग व व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम को कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि सर्वे के बाद जहां भी अतिक्रमण पाया जाए, उसे तुरंत हटाया जाए।
यह आदेश स्थानीय निवासी फरहत हसन की याचिका पर दिया गया है, जिसमें ऐतिहासिक धरोहर को हो रहे नुकसान और आम लोगों को हो रही परेशानी का जिक्र किया गया था।
🕌 जामा मस्जिद क्या होती है?
- मस्जिद: इबादत करने की जगह
- जामा: एकत्र होना या समूह
अर्थात, जामा मस्जिद वह होती है जहां बड़ी संख्या में लोग सामूहिक रूप से नमाज अदा करते हैं, विशेषकर शुक्रवार (जुमा) की नमाज के लिए। यही कारण है कि दिल्ली, आगरा, लखनऊ, संभल जैसे कई शहरों में मुख्य मस्जिद को जामा मस्जिद कहा जाता है।
🏛️ दिल्ली की जामा मस्जिद का इतिहास
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने वर्ष 1656 में करवाया था।
- निर्माण में लगे: लगभग 6 साल
- लागत: करीब 10 लाख रुपये (उस समय)
- सामग्री: लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर
- विशेषता: भारत की सबसे बड़ी और भव्य मस्जिदों में शामिल
लाल किले से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित इस मस्जिद के उत्तर और दक्षिण द्वार आम लोगों के लिए खुले रहते हैं, जबकि पूर्वी द्वार विशेष रूप से शुक्रवार को खोला जाता है, जिसे कभी सुल्तानों के उपयोग का द्वार माना जाता था
तुर्कमान गेट के बाद अब जामा मस्जिद क्षेत्र में संभावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत से भी जुड़ा हुआ है।
