उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। कड़ाके की ठंड में पहले ही कमी आ चुकी है और मैदानी इलाकों में अब सुबह-शाम हल्की ठंड तथा दिन में तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव संभव है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से 17 और 18 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि 16 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखना शुरू हो जाएगा। इसके चलते गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी और बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बदलाव के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक कम दबाव वाला मौसमी तंत्र है, जो मुख्य रूप से सर्दियों के दौरान भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर उत्तर भारत, पाकिस्तान, नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंचता है। इसके प्रभाव से अचानक मौसम बदल जाता है, तेज हवाएं चलती हैं और कई स्थानों पर बारिश तथा पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होती है।
इधर, देश के कई हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में सुबह कोहरे की मोटी परत छाई रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

