अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विधानसभा में हर माह की 21 तारीख को योगाभ्यास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विधानसभा में हर माह की 21 तारीख को होने वाले योग प्रशिक्षण शिविरों की श्रृंखला में रविवार को विधानसभा के कार्मिकों ने योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योगाचार्य वीरेंद्र चौहान ने कहा कि योग मनुष्य को आत्मा से परमात्मा तक मिलाने की एक प्रक्रिया है। मनुष्य के लिए जितना आवश्यक भोजन है, स्वस्थ रहने को उतना ही आवश्यक योग भी है।

विधानसभा के सभागार में आयोजित शिविर में योगाचार्य चौहान ने योग के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली। बदलते मौसम के साथ योग कितना आवश्यक है, इस विषय पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान, प्राणायाम, आसन की विभिन्न क्रियाएं मनुष्य को स्वस्थ रखती हैं। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य स्वस्थ होगा, तभी स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

उन्होंने विधानसभा के कार्मिकों की योग से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी की शुरुआत हमारे द्वारा बरती गई अनियमितताओं से होती है। इन अनियमितताओं को नियमित योगाभ्यास से दूर किया जा सकता है।

उन्होंने कार्मिकों को ध्यान, योग एवं प्राणायाम भी कराया। कार्यक्रम में विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल, भारत चौहान, हरीश चौहान, दीपचंद, राकेश पाल, कपिल धोनी, कैलाश अधिकारी, हिमांशु त्रिपाठी, बालम बगड़वाल आदि मौजूद थे।

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