
चुनाव ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को काफी हद तक राहत दी है। पंचायत चुनाव के बहाने मतदान केंद्र वाले आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों की दशा सुधरी है। बदरंग और बदहाल हो चुके इन भवनों में मतदान से पहले मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही सुधारीकरण कार्य भी कराया गया। पानी के इंतजाम से लेकर शौचालय की व्यवस्था दुरस्त की गई। निर्वाचन आयोग ने ज्यादातर स्कूल भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। पंचायत चुनाव के लिए सहसपुर, विकासनगर, कालसी, चकराता ब्लॉक के कुल 430 स्कूलों को मतदान केंद्र बनाया गया था। मतदान से पहले निर्वाचन आयोग ने इन स्कूल भवनों की दशा सुधारने, मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। पंचायत चुनाव ने सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के खस्ताहाल भवनों की रंगत भी बदल दी। जिसके चलते लंबे समय से जर्जर भवनों, स्कूल भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मेंटेनेंस का काम किया गया। स्कूलों में बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्था लेकर टूटे दरवाजे, खिड़कियों की मरम्मत की गई। इस चुनाव में जीत जिसकी भी हुयी हो लेकिन सरकारी स्कूल के बच्चों के चेहरे पर खुशहाली की लहार दौड़ पड़ी है।