नेपाल में 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा के आम चुनाव से ठीक पहले मधेस प्रांत में एक संदिग्ध विस्फोट की घटना सामने आई है। नेपाल के महोत्तरी जिले में हुए इस धमाके में दो लोग घायल हो गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ गई है।
घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पूर्व–पश्चिम राजमार्ग पर बार्दिबास-1 स्थित रातो पुल के पास हुई। पुलिस के अनुसार, सड़क किनारे पड़ी लाल रंग की दो संदिग्ध वस्तुओं में से एक को अनजाने में पैर से छूने या ठोकर लगने पर विस्फोट हो गया।
धमाके में धातु के टुकड़े बिखर गए, जिससे दो पैदल यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। घायलों की पहचान 17 वर्षीय संदेश चौधरी और 24 वर्षीय समीर चौधरी के रूप में हुई है। दोनों कैलाली जिले के निवासी हैं। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
महोत्तरी जिला पुलिस कार्यालय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मौके पर पहुंची टीम ने दूसरी संदिग्ध वस्तु को भी बरामद किया। उसे नेपाली सेना की बम निरोधक इकाई ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
प्रारंभिक जांच में इन वस्तुओं को आईईडी जैसा बताया जा रहा है। हालांकि, विस्फोटक की प्रकृति, इसे रखने वालों की पहचान और चुनाव से इसके संभावित संबंध की जांच जारी है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। अब तक किसी भी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब नेपाल में चुनावी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। चुनाव आयोग ने सभी 165 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सामग्री और सुरक्षा बलों की तैनाती पूरी कर ली है। सरकार ने 4 मार्च की आधी रात से मतदान समाप्ति तक सार्वजनिक और निजी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
मधेस प्रांत, जिसमें महोत्तरी जिला आता है, लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और अलगाववादी मांगों के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोट चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने या भय का माहौल बनाने की कोशिश हो सकता है। देश के प्रमुख राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण मतदान की अपील की है।
करीब 1.8 करोड़ मतदाता इस आम चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

