नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनकी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की खूब सराहना हो रही है।
घटना काठमांडू घाटी के बुटवल क्षेत्र की है, जहां गुरुंग का काफिला ट्रैफिक जाम में फंस गया।
आमतौर पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान सड़कें खाली करवाई जाती हैं, लेकिन गुरुंग ने अलग उदाहरण पेश किया।
- उन्होंने गाड़ी से उतरकर अधिकारियों को निर्देश दिया
- पहले आम लोगों की गाड़ियों को निकलने दिया जाए
- खुद सड़क पर खड़े होकर ट्रैफिक मैनेज करते नजर आए
- इस साधारण लेकिन प्रभावशाली कदम ने लोगों का दिल जीत लिया।
🗣️ “पद से पहले कर्तव्य”
- घटना के बाद गुरुंग ने ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को सख्त संदेश दिया:
- उनकी गाड़ी को रोकने या चेक करने में हिचकिचाएं नहीं
- वीआईपी को विशेष सुविधा देने से आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए
- गृह मंत्री भी सबसे पहले एक नागरिक हैं
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाओं को कभी नहीं रोका जाना चाहिए।
सुदन गुरुंग Gen Z आंदोलन से उभरकर सामने आए थे।
इस आंदोलन में उन्होंने: पुरानी सत्ता व्यवस्था, वीआईपी संस्कृति और विशेषाधिकारों के खिलाफ आवाज उठाई थी।
गुरुंग का यह कदम सिर्फ एक ट्रैफिक घटना नहीं, बल्कि शासन में जवाबदेही और समानता का संदेश देता है।
उनका इस्तीफा और यह वायरल वीडियो, दोनों ही नेपाल की राजनीति में बदलते दृष्टिकोण और नई पीढ़ी की सोच को दर्शाते हैं।

