तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन का एक बयान इन दिनों काफी चर्चा में है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह “करुणानिधि से भी ज्यादा खतरनाक” हो सकते हैं—लेकिन इसके पीछे उनका मतलब अलग है।
स्टालिन ने स्पष्ट किया कि 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान कुछ लोगों ने उनकी तुलना एम करुणानिधि से करते हुए कहा था कि वे उनसे भी ज्यादा खतरनाक हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने कहा कि उनकी तुलना करुणानिधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि वे सिर्फ उनके पिता ही नहीं, बल्कि उनके आदर्श और नेता भी रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई उन्हें “ज्यादा खतरनाक” कहता है, तो वह इसे एक अलग नजरिए से देखते हैं। उनके अनुसार, जो भी तमिलनाडु के हितों के खिलाफ जाएगा, राज्य के विकास में बाधा डालेगा या विश्वासघात करेगा—उनके लिए वे हमेशा “खतरनाक” साबित होंगे। इस संदर्भ में उनका बयान एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
स्टालिन ने यह भी कहा कि अगर उन्हें अपने नेता से एक कदम आगे माना जाता है, तो यह उनके लिए गर्व की बात है और यह भावना तमिल समाज की ताकत को दर्शाती है।
इसी बीच, चेन्नई के कन्नागी नगर में उनके चुनाव प्रचार के दौरान बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को विशेष इंतजाम करने पड़े।
वहीं, एक अन्य रैली में स्टालिन ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दक्षिणी राज्यों, खासकर तमिलनाडु, को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। उन्होंने इसे “फासीवादी मानसिकता” करार दिया और कहा कि तमिलनाडु अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
कुल मिलाकर, स्टालिन का यह बयान राजनीतिक रूप से सशक्त संदेश देने वाला है, जिसे उनके समर्थक राज्य के हितों की रक्षा के संकल्प के रूप में देख रहे हैं।

