गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में आम की बहार छा जाती है। हर कोई मीठे और रसीले आम का स्वाद लेना चाहता है, लेकिन कई बार जल्दबाजी में लोग खट्टे या केमिकल से पकाए गए आम खरीद लाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप बिना काटे ही अच्छे और मीठे आम की पहचान करना सीखें।
सबसे पहला और आसान तरीका है आम को सूंघना। आम के डंठल (ऊपरी हिस्से) के पास से अगर आपको मीठी, फल जैसी खुशबू—जैसे अनानास या खरबूजे की—आती है, तो समझ लीजिए आम पका और मीठा है। वहीं अगर उसमें तीखी या केमिकल जैसी गंध आए, तो उसे लेने से बचना चाहिए।
दूसरा तरीका है हल्का दबाव डालकर देखना। एक अच्छा पका हुआ आम हल्का सा दबाने पर थोड़ा दबता है, ठीक वैसे जैसे आड़ू या एवोकैडो। अगर आम बहुत सख्त है तो वह कच्चा हो सकता है और अगर बहुत ज्यादा नरम है तो वह अंदर से खराब भी हो सकता है।
तीसरा संकेत है वजन। पका हुआ और रसीला आम अपने आकार के मुकाबले थोड़ा भारी महसूस होता है। इसका मतलब है कि उसमें रस भरपूर है और स्वाद भी अच्छा होगा।
चौथी बात, केवल रंग देखकर आम का चुनाव न करें। कई किस्मों में पकने के बाद भी रंग हरा ही रहता है, जैसे लंगड़ा आम। इसलिए रंग को मीठास का पैमाना न बनाएं।
आखिरी और महत्वपूर्ण टिप है डंठल की जांच। मीठे और पके आम का डंठल वाला हिस्सा थोड़ा धंसा हुआ और आसपास से हल्का उभरा व नरम महसूस होता है। यह इस बात का संकेत है कि आम अंदर से अच्छी तरह पका हुआ है।
इन आसान तरीकों को अपनाकर आप हर बार बाजार से मीठे, रसीले और स्वादिष्ट आम ही घर ला सकेंगे।

