पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Abbas Araghchi की Vladimir Putin से मुलाकात के बाद ईरान का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। रूसी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि वह ईरान के समर्थन में हर संभव कदम उठाने को तैयार है।
मॉस्को में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद अराघची ने कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता और बड़े बदलाव के इस दौर में रूस के साथ उच्चस्तरीय बातचीत बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि हालिया घटनाओं ने दोनों देशों के बीच “रणनीतिक साझेदारी” को और मजबूत किया है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी बैठक के दौरान पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति स्थापित करने की बात कही और ईरानी जनता की सराहना की।
क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने स्पष्ट किया कि रूस किसी भी तरह की मध्यस्थता के लिए तैयार है और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए “सब कुछ” करेगा।
वहीं रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने इस वार्ता को “उपयोगी और रचनात्मक” बताया।
पुतिन से मुलाकात के बाद अराघची 72 घंटे में तीसरी बार Islamabad पहुंचे, जिससे साफ है कि ईरान इस समय कूटनीतिक मोर्चे पर काफी सक्रिय है। इससे पहले उन्होंने ओमान का भी दौरा किया, जहां Haitham bin Tariq से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति को लेकर चर्चा की।
ईरान और United States के बीच पहले दौर की शांति वार्ता से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था। ऐसे में अब दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
कुल मिलाकर, रूस का बढ़ता समर्थन ईरान के लिए कूटनीतिक तौर पर बड़ी ताकत साबित हो सकता है, लेकिन क्षेत्र में स्थायी शांति अभी भी कई चुनौतियों से घिरी हुई है।

