United States और Iran के बीच जारी तनाव के बीच फिलहाल युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है और सीजफायर को लेकर बातचीत जारी है। इसी बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है—एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) से लदा एक टैंकर जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है।
यह घटना इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि हालिया संघर्ष के बाद पहली बार किसी एलएनजी टैंकर ने इस रणनीतिक मार्ग को पार किया है। जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ‘मुबाराज़’ नाम का यह टैंकर हाल ही में भारतीय जलक्षेत्र के आसपास देखा गया। यह जहाज Das Island से एलएनजी लेकर निकला था, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में ही फंसा हुआ था।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। तनाव के चलते यहां आवाजाही बाधित हो गई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई थी। ऐसे में एलएनजी टैंकर का सुरक्षित पार होना इस बात का संकेत है कि हालात कुछ हद तक सामान्य हो रहे हैं।
एलएनजी (Liquefied Natural Gas) यानी द्रवीकृत प्राकृतिक गैस को बेहद कम तापमान (-162°C) पर तरल रूप में बदला जाता है। इससे इसका आयतन काफी कम हो जाता है और इसे जहाजों के जरिए लंबी दूरी तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
भारत जैसे देश के लिए एलएनजी ऊर्जा आपूर्ति का अहम हिस्सा है, जो बिजली उत्पादन, उद्योगों और गैस वितरण नेटवर्क को सपोर्ट करता है।
इस टैंकर के भारत के पास पहुंचने से संकेत मिलता है कि ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की आशंका फिलहाल कम हुई है। अगर होर्मुज मार्ग खुला रहता है, तो भारत समेत कई देशों को राहत मिल सकती है।
हालांकि, क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

