तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Iran ने United States के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने के लिए तीन-चरणों वाला नया प्रस्ताव पेश किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह पहल ऐसे समय में आई है, जब Pakistan में दोनों देशों के बीच हालिया वार्ता का दौर बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने मध्यस्थों के जरिए स्पष्ट किया है कि बातचीत शुरू करने से पहले युद्ध पूरी तरह समाप्त करने और भविष्य में ईरान व Lebanon के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को रोकने की ठोस गारंटी दी जाए।
यदि पहले चरण पर सहमति बनती है, तो दूसरे चरण में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz के प्रबंधन और नियंत्रण पर बातचीत होगी। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत अहम माना जाता है।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा केवल अंतिम चरण में ही करेगा। गौरतलब है कि अमेरिका लंबे समय से ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को सीमित करने और उसके परमाणु भंडार को नियंत्रित करने की मांग करता रहा है।
इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wells ने कहा कि यह एक संवेदनशील कूटनीतिक मामला है और अमेरिका मीडिया के माध्यम से वार्ता नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि कोई भी समझौता अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देगा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi हाल ही में पाकिस्तान के दौरे पर गए थे, लेकिन उन्होंने अमेरिका के साथ सीधे संवाद से इनकार कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए Donald Trump ने कहा कि बातचीत के लिए लंबी यात्राओं की जरूरत नहीं, फोन पर भी संवाद संभव है।
इस बीच अराघची Oman और इस्लामाबाद के दौरे के बाद अब Russia पहुंचने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Vladimir Putin से प्रस्तावित है। इस बैठक में मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और संभावित संघर्ष-विराम पर चर्चा होने की संभावना है।
फिलहाल क्षेत्र में संघर्ष-विराम बना हुआ है, लेकिन फरवरी में शुरू हुआ यह टकराव दो महीने पूरे करने के करीब है और अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ पाया है।

